वास्तु विवरण ईमानदारी से कैसे दें
कमरे का उपयोग, मुख्य द्वार की दिशा, खिड़की/रसोई/शयन स्थान, और ज्ञात बाधाएँ स्पष्ट लिखें। अनुमानित योजना या “शायद उत्तर-पूर्व” जैसी धुंधली दिशा परिणाम कमजोर करती है।
वास्तु यहाँ सुधार-योजना के संकेत देता है — भूमि क्रय, किराया या निर्माण के अंतिम निर्णय का स्थान नहीं। बड़े निर्माण में स्थानीय वास्तु विशेषज्ञ या अनुभवी परिवारजन से भी पुष्टि करें।
एक समय पर एक कमरा या एक प्रवेश द्वार पर ध्यान दें। पूरे घर के हर कोने को एक साथ ठीक करने की कोशिश से परिणाम पढ़ना मुश्किल हो जाता है।